चचेरे भाई की बीवी को ग्रुप सेक्स में शामिल किया -7

मैंने कहा- नीता, तुमने कभी गांड मरवाई है? नीता बो…

मेरी चालू बीवी-4

लेखक : इमरान कुछ ही देर में पारस की ट्रेन चली गई, …

जलता है बदन

रोनी सलूजामेरी कहानी ‘कामदेव के तीर’  को पाठको की…

ख्वाहिश पूरी की

दोस्तो, मैं अर्पित सिंह एक बार फिर से अपनी अधूरी प्र…

निदा की अन्तर्वासना-2

इमरान ओवैश मैंने न सिर्फ अपने हाथों को उसकी पीठ पर…

अब्बू के दोस्त और मेरी अम्मी की बेवफाई -3

अब तक आपने पढ़ा.. अंकल ने फिर मेरी नन्हीं सी मासूम …

खुल्लमखुल्ला चुदाई-1

लेखक : इमरान आपने मेरे द्वारा लिखी कई कहानियाँ पढ़ी…

रूपा संग फोन सेक्स

नमस्कार दोस्तो, मैं काफी समय से सोच रहा था कि अपना …

नीलम की चूचियाँ बड़ी मीठी लगीं -1

अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा नमस्कार.. एक बार फ…

ट्रेन में धकाधक छुकपुक-छुकपुक-3

प्रेषक : जूजा जी मुझे अभी भी याद था कि दो छेद मेरे…