चूत की आग के लिए मैं क्या करती-7

जब मैंने टाइम देखने के लिए फोन उठाया तो पता चला क…

चूत की आग के लिए मैं क्या करती-8

प्रेषिका : सुरभि तिवारी सुनील आ गया। मैंने उन दोनो…

स्वाति राण्ड

प्रेषक : दीपक चौधरी आप सभी लोगों को खड़े लण्ड से प्रण…

उसका मेरा रिश्ता-2

प्रेषिका : निशा भागवत मैंने उसे अपने बिस्तर पर लेटा…

पतिव्रता नारी-1

लेखिका : नेहा वर्मा मैं दिल्ली में एक ऑफ़िस में काम …

दर्द है, फिर भी चाह है

प्रेषक : रॉकी कुमार मैं नौकरी की तलाश में हैदराबाद…

प्रेम और पिंकी का प्यार-2

प्रेषक : प्रेम मैंने कहा- पिंकी, अच्छा लग रहा है? वो…

छैल छबीली-1

“सुनो भाई, कोई कमरा मिलेगा?” “वो सामने पूछो!” मैं…

लिंगेश्वर की काल भैरवी-2

(एक रहस्य प्रेम-कथा) लिफ्ट से नीचे आते मैं सोच रहा थ…

प्रेम और पिंकी का प्यार-3

प्रेषक : प्रेम मैं- ओह पिंकी, मैं बस आने वाला हूँ !…