मेरा गुप्त जीवन- 117
फिर उसने अपने गरम होंट मेरे होंटों पर रख दिए और ए…
मेरा गुप्त जीवन- 113
थोड़ी देर में मधु मैडम झड़ने के करीब पहुँच गई थी, उ…
मेरा गुप्त जीवन- 118
लेकिन मैं वाकयी में उन तीनों से बहुत ही ज़्यादा प्रभ…
खुल्लम-खुल्ला चूत-चुदाई का आनन्द -1
दोस्तो, आपके बहुत सारे प्यार भरे मेल के पाने बाद एक…
चूत एक पहेली -54
अब तक आपने पढ़ा.. बस फिर क्या था आनन-फानन में अर्जुन…
चूत एक पहेली -52
अब तक आपने पढ़ा.. पुनीत- पायल मानता हूँ तुम बड़ी हो…
Bhabhi Ji Ke Kya Kehne
Hi dosto, kaise ho aap sab!! apka pyara dost Sanj…
मेरा गुप्त जीवन- 112
अगले दिन पापा ने मुझको नाश्ते के टेबल पर बताया- बॉ…
अपना सपना सच हुआ
मुझमें हमेशा से एक दिली इच्छा थी कि गाँव की खूब लं…
नयना भाभी की मस्त चूत चुदाई
हैलो, मेरा नाम पंकज है और मैं काला पीपल (म.प्र.) स…