मेरा गुप्त जीवन-26

जैसे जैसे मेरे लखनऊ जाने के दिन निकट आ रहे थे मेर…

सपना और एकता की बजा दी-2

Sapna Aur Ekta ki Baja Di-2 अब तक आपने पढ़ा कि सपन…

घर के लौड़े-6

Ghar ke Laude-6 मैंने भी जल्दी से अपने कपड़े पहने औ…

मेरा गुप्त जीवन-28

मम्मी मेरा इंतज़ार कर रही थी और हम दोनों ने मिल कर …

आज दिल खोल कर चुदूँगी -8

मेरे शरीर में तरावट आने लगी, सारा जिस्म मीठे जोश स…

Jaanvi, Ek Chudakkad Bhabhi – Part 7

Hi friends kaise ho sabhi, aap log itna pyar de r…

चंडीगढ़ का पार्क-1

नमस्कार दोस्तो, मैं आप सब का दिल से धन्यवाद करता हूँ…

Jaanvi, Ek Chudakkad Bhabhi – Part 4

Idhar wasim bhi ye sab dekhne k baad hairaan tha …

घर के लौड़े-2

Ghar ke Laude-2 भाई ने लंड की टोपी गाण्ड के छेद पर…

गंदी कहानी : मजा आ गया

कहानी : शबनम मैं हमेशा अपनी बचपन की सहेली जेनेलिय…