महकती कविता-2

महकती कविता-1 अब तो कविता का भी यह रोज का काम हो…

तन का सुख-2

लेखक : राज कार्तिक तभी कमल ने सुधा को जाने को कहा …

Aunty Ka Pyar

Hi dosto meri pichli story ko padh ke mujhe bahot…

मासूम यौवना-4

मासूम यौवना-3 से आगे : रात के ग्यारह बज गए थे, जीज…

स्वयंवर का सच-1

लेखक : प्रेम गुरु और अरमान मैं जानता था कि यह राखी…

behan ko gharwali banaya

Hello dosto,mera name rajkumar,mein aap sab pyasi…

एक खड़े लंड की करतूत

प्रेम गुरु की कलम से “अच्छा चलो एक बात बताओ जिस मा…

जिस्म की मांग-4

प्रेषिका : लीला “बाबू, तू मेरा प्यार है, चाहे अब मै…

मुम्बई के सफ़र की यादगार रात-4

लेखक : सन्दीप शर्मा हम दोनों ने पाव भाजी खाई और उसक…

पुष्पा का पुष्प-1

सुबह की स्वच्छ ताजी हवा में गुलाब के ताजा फूलों की …