कुँवारी पिंकी की सील तोड़ चुदाई -6

तभी दरवाजे की घंटी बजी। देखा.. तो पिंकी थी.. पर य…

कमसिन कली को प्यार से कुचला -1

आज मैं जो कहानी आपको बताना चाहता हूँ.. वो मेरे सा…

मेरा गुप्त जीवन- 136

अगले दिन सुबह ही मैं, कम्मो और निम्मो लखनऊ वापस जान…

आन्टी ने मालिश के बहाने चूत चुदवाई

मेरे घर में हम 3 लोग हैं। मेरे पापा मम्मी और मैं..…

हसीन सफर और तन का मिलन

अन्तर्वासना के सभी नियमित पाठकों को कुशल का प्यार भर…

मेरी अन्तर्वासना, मेरे जीवन की कुछ कामुक यादें -1

यह कहानी मेरी एक परिचिता की है.. सीधे उनकी स्मृतिय…

मैं अपने जेठ की पत्नी बन कर चुदी -7

अन्तर्वासना के पाठकों को आपकी प्यारी नेहारानी का प्या…

मेरा गुप्त जीवन- 138

कम्मो फ़ौरन उठी और बाथरूम में चली गई और थोड़ी देर बा…

मैं अपने जेठ की पत्नी बन कर चुदी -8

अन्तर्वासना के पाठकों को आपकी प्यारी नेहारानी का प्या…

Bhabhi Ji Ke Kya Kehne

Hi dosto, kaise ho aap sab!! apka pyara dost Sanj…