साली की बेटी को बेटे का तोहफा दिया -2

पता नहीं क्यों, पर मैं कह बैठा- कोई देखा क्या? उसने…

मेरा गुप्त जीवन- 115

सरपट घोड़े को भगाते हुए उसको चोदने लगा और चंद मिनट…

मेरा गुप्त जीवन- 117

फिर उसने अपने गरम होंट मेरे होंटों पर रख दिए और ए…

पड़ोसन भाभी का कमर दर्द

दोस्तो नमस्कार, मैं राज शर्मा एक बार फिर अपनी कहानिय…

मेरा गुप्त जीवन- 113

थोड़ी देर में मधु मैडम झड़ने के करीब पहुँच गई थी, उ…

मेरा गुप्त जीवन- 114

मैं बोला- आप बेफिक्र रहिये यह सब हो जाएगा। अब आप क…

मेरा गुप्त जीवन- 112

अगले दिन पापा ने मुझको नाश्ते के टेबल पर बताया- बॉ…

बावले उतावले-3

उस दिन दोपहर को हम तीनों ने अपने चाचाजी की हवेली …

बॉलीवुड अभिनेत्री की चुदाई

नमस्कार दोस्तो, कैसे हो आप सब? आप सब ने अन्तर्वासना प…

मेरा गुप्त जीवन- 116

अगले दिन सुबह कोई 10 बजे के करीब एक मिनी बस हवेली…