बाबा डर लगता है !

लेखिका : दिव्या डिकोस्टा जब मैं जवान हुई तब मुझे भी…

चाची की भोसड़ी का भोसड़ा बनाया

प्रियो पाठको और चुदाई करवाने वालियों को मेरा प्रणाम…

मेरी सीधी सरल भाभी

नमस्ते दोस्तों ! यह कहानी बिल्कुल सच्ची है। मैं विदिश…

सौ के नोट के बदले

प्रेषक – सेक्सी कुछ दिनों पहले हमारी पुरानी कामवाली…

गुरूजी का आश्रम-1

‘हेलो..! रुचिका!’ मेरे सम्पादक की आवाज सुनते ही मै…

भाई ने बताया चुदाई क्या है?

यह मेरी पहली कहानी है। मैं अपने जीवन की उस घटना क…

बच गई मेरी नौकरी

लेखिका : दिव्या डिकोस्टा मैं किरण, तीस वर्ष की एक नर्…

दो अनजान जिस्म- एक काम

प्रेषक – पवन कुमार आज जब मैंने लॉग-इन किया तो वह …

बीवियों की अदला-बदली का मज़ेदार खेल

प्रिय मित्रो, मैं राजेश, उम्र 36 वर्ष, छत्तीसगढ़ का रहन…

मकान मालकिन की बेटी और नौकरानी

दोस्तों मैं अपनी एक मस्त कहानी आप लोगों को बताना चा…