एक भाई की वासना -36

सम्पादक – जूजा जी हजरात आपने अभी तक पढ़ा.. अचानक फै…

मेरा गुप्त जीवन -48

इससे पहले मैं समझ पाता कि क्या हो रहा है मुझको अंद…

तेरा साथ है कितना प्यारा-7

‘व्‍व्वो मैं क्‍्क्कु…छ…नहींईईइ…’ बस इतना ही फूटा मुकु…

भाभी ने मुझे चोदा-2

अर्पित मैंने कहा- भाभी आज से मैं तुम्हारा हूँ। मैं …

बदलते रिश्ते -5

अनीता अपने ससुर की पक्की चेली बन गई। अब वह ससुर के…

मेरा गुप्त जीवन -49

जब मैं वहाँ पहुंचा तो तकरीबन सभी नाश्ता करके जा चु…

शादी के बीस दिन बाद -1

हैलो दोस्तो, आपके लिए एक नई कहानी पेश है। बात तब क…

Main Aur Meri Mausi

Hello dosto ye kahani mehez ek kalpna par adharit…

हाईप्रोफाइल होता सेक्स कारोबार

हाईप्रोफाइल होती राजधानी में अब सेक्स का कारोबार भी…

एक भाई की वासना -29

सम्पादक – जूजा जी हजरात आपने अभी तक पढ़ा.. हम दोनों…