अकेले मज़ा लोगे?
आप सभी को मेरा यानि अमित का नमस्कार ! मैं आप लोगों…
हरीयालो देवरियो
लेखिका : नेहा वर्मा मेरा देवर मुझसे कोई दस साल छोट…
सत्य वचन
मैं छत पर बैठी हुई अपने ख्यालों में डूबी हुई थी। म…
उसकी खुद की फट गई !
हरीश महरा सभी अन्तर्वासना पढ़ने वालों को मेरा यानि ह…
एक घंटे में चार लौड़े
लेखक : सनी गांडू मैं सनी ! मुझे तो आप सब अच्छी तरह…
शहर में आकर गाण्ड मराई
प्रेषक : प्रेम सिंह सिसोदिया मैं गांव छोड़ कर कॉलेज …
बुआ हो तो ऐसी-1
(प्रेम गुरु द्वारा संशोधित एवं संपादित) घर की मौज ह…
मेरी गांड फ़ट गई
प्रेषक : हरीश महरा “उसकी खुद की फ़ट गई” का दूसरा भा…
बुआ हो तो ऐसी-2
(प्रेम गुरु द्वारा संशोधित एवं संपादित) मैं एक बार …
पड़ोस वाली भाभी-1
दोस्तो, मेरा नाम राहुल है, दिल्ली का रहने वाला हूँ।…