रेल गाड़ी में 69
नमस्कार…मैं एक बहुत ही हंसमुख स्वभाव का पढ़ा लिखा इन्…
खुली आँखों का सपना-1
एक बार फिर अपनी नई कहानी लेकर आया हूँ मैं राजवीर!…
रचना का खेल
कुट्टी सर के साथ मस्ती करके दिल्ली से वापिस आने के च…
तेरी याद साथ है-19
प्रेषक : सोनू चौधरी “प्लीज जान…अपने हाथ ऊपर करो और …
चाण्डाल चौकड़ी के कारनामे-8
नेहा बोली- राहुल तुमने सच कहा था कि उंगली में वो …
तेरी याद साथ है-16
प्रेषक : सोनू चौधरी रिंकी ने एक नज़र आईने पे डाली औ…
सविता भाभी की गाण्ड फ़ट गई
दोस्तो, मेरी पिछली कहानी तो आपनी पढ़ी ही होगी.. जिस…
पहला आनन्दमयी एहसास -2
अन्तर्वासना के सभी पाठकों का एक बार फिर से मेरा तहे…
मामी की गोद हरी कर दी-3
अब तक आपने पढ़ा.. मामी ने बताया- मामाजी की कमर के …
अब दिल क्या करे-1
प्रेषक : राज कार्तिक क्या करे बेचारा दिल जब कोई हसीन…