कुंवारी भोली -1

बात उन दिनों की है जब इस देश में टीवी नहीं होता थ…

कुंवारी भोली–7

शगन कुमार रात को मुझे नींद नहीं आ रही थी। हरदम नि…

मधुर प्रेम मिलन-2

प्रेषिका : स्लिमसीमा ‘मधुर, क्या मैं एक बार आपके हाथ…

मैं, मेरी बीवी और चचेरे भाई का सपना हुआ सच -12

पिछले भाग में आपने कहानी मेरी बीवी के जुबानी सुनी…

अब बहन की चूत से शर्र शर्र की आवाज खुल कर आती है

नमस्कार, मैं अनुराग फिर से आपकी सेवा में एक नई कहा…

अगर उस दिन मैं दरवाजा खोल देती

कई बातें ऐसी होती हैं जो बीत जाने के बाद बरसों तक…

ऑनलाइन चेटिंग में मिली

प्रेषक : हेमन्त जैन हेलो दोस्तो, आज मैं आप सबके सामन…

जेम्स की कल्पना -6

कल्पना को अपने आसपास खाली-सा लग रहा था। वह भी कुछ …

यौनसुख से वंचित पाठिका से बने शारीरिक सम्बन्ध -6

जैसे जैसे मेरा जंगलीपन बढ़ रहा था वो और ज़्यादा एंजा…

चूत एक पहेली -92

अब तक आपने पढ़ा.. पुनीत गुस्से में था.. मगर वो कर भ…