दो अनजान जिस्म- एक काम
प्रेषक – पवन कुमार आज जब मैंने लॉग-इन किया तो वह …
सौ के नोट के बदले
प्रेषक – सेक्सी कुछ दिनों पहले हमारी पुरानी कामवाली…
बुढ़ापे का रंगीन जवान साथी
मेरा नाम अमन गुप्ता है। मैं अब अकेला हूँ। मेरी उम्र…
बच गई मेरी नौकरी
लेखिका : दिव्या डिकोस्टा मैं किरण, तीस वर्ष की एक नर्…
चाचा की साली से मस्ती
हैलो दोस्तो, मैं दीपक एक बार फिर आपके लिये एक नई क…
मेरी बीवी की मालिश
यह एकदम १००% सच्चा अनुभव है जो कि मैंने अपनी पत्नी …
मुझे तुम्हारी जरूरत है
प्रेषक : अमित हाय दोस्तो ! मेरा नाम विजय है, मैं हि…
तरक्की का सफ़र-10
रजनी अपनी योजना बताने लगी, “राज! तुम्हें मेरी और म…
चाची की भोसड़ी का भोसड़ा बनाया
प्रियो पाठको और चुदाई करवाने वालियों को मेरा प्रणाम…
गुरूजी का आश्रम-1
‘हेलो..! रुचिका!’ मेरे सम्पादक की आवाज सुनते ही मै…