चाँदनी को कली से फूल बनाया

वो मेरे पड़ोस में रहने वाली 18 साल की लड़की है जो क…

दोस्त की गर्मागर्म भाभी

मैं राहुल जैन जयपुर में पढ़ाई कर रहा हूँ और मैं यह…

उफनते जजबात

प्रेषक : क्षितिज़ मेरा नाम क्षितिज है और यह मेरी पहल…

तुझे मज़ा आयेगा-1

प्रेषक : अनिल मैं अपने कमरे में म्यूजिक सुन रही थी …

वेब से बेड तक-1

प्रेषक : लव गुरू मेरी यह कहानी काल्पनिक है। इस कहान…

एक जल्दी वाला राउंड

प्रेषक : पुलकित झा आज स्कूल में अचानक जल्दी छुट्टी हो…

तुझे मज़ा आयेगा-2

प्रेषक : अनिल इससे पहले कि मैं आगे की कहानी बताऊँ,…

जा क्यों नहीं रहा है?

दोस्तो, मैं अन्तर्वासना का पुराना पाठक हूँ। मैंने अन्…

वेब से बेड तक-3

प्रेषक : लव गुरू फिर मैंने कहा- माँ, मुझको तुम्हारे…

रास्ते में मिली एक हसीना-2

लेखक : जय कुमार मैं कहने लगा- वन्दना, मुझे बहुत भ…