प्रशंसिका ने दिल खोल कर चूत चुदवाई-10
हम दोनों एक दूसरे का माल चाट कर या पीकर पूरी तरह …
प्रशंसिका ने दिल खोल कर चूत चुदवाई-12
दूसरे दिन रात की हम लोगों की ट्रेन थी। सुबह को हम …
जन्म दिन का तोहफ़ा-1
आपको मेरी कहानियाँ पसंद आ रही है उसके लिए शुक्रिया…
मेरी ग्राहक रमिला
मैं आपको अपने बारे में बता दूँ कि मैं बहुत सुन्दर …
वासना की न खत्म होती आग -8
वो मुझे अपने दांतों को भींचते हुए मुझे देख धक्के ल…
अच्छे से करो !
प्रेषक : धीरज हाय ! मेरा नाम धीरज है। मैं आपको जो …
निशा का प्रारब्ध-2
करीब 20 मिनट की मस्त चुदाई लीला के बाद किशन ने अपन…
इत्तफाक से मिली चूत
अन्तर्वासना के सभी दोस्तों को मेरे खड़े लंड का प्रणाम.…
विरह की आग में सुनयना की चुदास
मेरे प्यारे पाठक दोस्तो, आप सभी को मेरा प्रणाम.. मैं…
प्रशंसिका ने दिल खोल कर चूत चुदवाई-11
शाम को ऑफिस से लौटते समय मैंने रचना के लिये एक पा…