मेरा गुप्त जीवन- 83

मैं भी नकली गुस्से में बोला- हंस लो हंस लो तुम दोन…

कामदेव के तीर-1

मैं अपने ऑफिस में बैठा मेल चैक कर रहा था, इस बार …

कामदेव के तीर-5

मैं पलंग से उठा ही था तभी रजिया मेरे लिए चाय लेकर…

खेली खाई मेहनाज़ कुरैशी

इमरान यह कहानी मेरे एक दोस्त संजय अग्रवाल की है, आप…

भाई के दोस्त ने मेरी सील तोड़ दी

हैलो फ्रेण्डस.. मैं ज्योति.. नई दिल्ली में रहती हूँ, …

ऑस्ट्रेलिया की बुलबुल रानी -6

एक बहुत उम्दा और स्वादिष्ट डिनर पूरा हुआ, शैम्पेन आधी…

मुझे हैप्पी करना है

मेरा नाम कपिल है, हरियाणा का रहने वाला हूँ, मैं 5…

तेरे मम्मे तो औरतों जैसे हैं

लेखक : सनी गांडू मेरी गाड़ी एक बार फिर से पटरी पर …

राधा, मैं तुझ बिन आधा

लेखक : जोगी यारा मैंने पहली बार अन्तर्वासना डॉट कॉम…

सपना की चुदास ने मम्मी को भी चुदवाया-3

कहानी का पिछ्ला भाग: सपना की चुदास ने मम्मी को भी च…