मेरा गुप्त जीवन- 141
मैंने तीन चार बार ही ऐसा किया कि रति अपनी कमर नीच…
चूत एक पहेली -68
अब तक आपने पढ़ा.. वो सभी पीने के मज़े लेने लगे और प…
एक ख्वाहिश
ख्वाहिशें सच में बहुत अजीब होती हैं। अन्तर्वासना पर …
मैं अज्ञानी था
नमस्कार दोस्तो, भूल तो नहीं गए? मैं आदित्य एक बार फि…
बिन मेहनत घर में लौड़ा मिल गया
प्रणाम मेरे लवर्स को, मेरे आशिकों को, मेरे पाठकों क…
चूत से चुकाया कर्ज़-1
प्रेषक : अरुण हाय दोस्तो… आपकी शालिनी भाभी एक बार फ…
माशूका गौरी के संग हनीमून
हैलो दोस्तो.. मैं दिलीप पिछले पाँच वर्षों से लगातार…
आसान काम नहीं है-1
सुबह दूध वाले भैया को तड़पाने के बाद मैंने अपने मि…
मामीजान के साथ सुहागरात
एक दिन मेरे मामू और मामीजान हमारे घर मिलने आये क्य…
गर्लफ्रेंड की चूत की कन्डोम फाड़ चुदाई
हैलो दोस्तो, मेरा नाम विक्की है और मैं अजमेर का रहन…