मुझे तो तेरी लत लग गई

यह आपबीती मुझे मेरे दोस्त जय पाण्डेय ने भेजी है… और…

टीचरजी बोले, ‘आइ लव यू !’

प्रेषक : तरुण अहूजा मैं एक 18 वर्षीय छात्र हूँ और हा…

दिल का क्‍या कुसूर-9

मुझे लगा कि इस बार मैं पहले शहीद हो गई हूँ। अरूण …

मेरा गुप्त जीवन- 162

मैंने भी उसके मोटे चूतड़ों को हल्के से मसल दिया और …

मेरे आशियाने में सहेली की पहली चुदाई

हैलो दोस्तो, मैं आपकी सहेली पूर्वा आपके सामने एक और…

जन्नत का सफ़र

प्रेषिका : डिम्पल मेरा नाम डिम्पल है उम्र 22 साल, अवि…

Main And Meri Maa

Meri family me mere parents n main hu hum teen lo…

दिल का क्‍या कुसूर-3

दोनों लड़कियाँ आपस में एक दूसरे से अपनी योनि रगड़ र…

शादी में चूसा कज़न के दोस्त का लंड-4

प्रिय पाठको, मैं अंश बजाज अपनी कहनी के अंतिम चरण क…

यादगार सफ़र

प्रेषक : आनन्द सिंह मेरा नाम अमन है और यह मेरी अन्तर्…