मेरा गुप्त जीवन- 174

अब बिमला मौसी मुझको लेकर एक कोने में चली गई और मे…

काशीरा-लैला -1

चचाजान का खत आया कि वो तीन चार दिन के लिये हमारे …

मधुर प्रेम मिलन-2

प्रेषिका : स्लिमसीमा ‘मधुर, क्या मैं एक बार आपके हाथ…

मई 2016 की लोकप्रिय कहानियाँ

प्रिय अन्तर्वासना पाठको मई महीने में प्रकाशित कहानियो…

नवविवाहिता अकेली भाभी को चोद कर ख़ुशी दी

दोस्तो, मेरा नाम सोनू है, नोएडा में अकेला ही रूम ल…

अगर उस दिन मैं दरवाजा खोल देती

कई बातें ऐसी होती हैं जो बीत जाने के बाद बरसों तक…

ऑनलाइन चेटिंग में मिली

प्रेषक : हेमन्त जैन हेलो दोस्तो, आज मैं आप सबके सामन…

मेरी प्यारी कान्ता चाची

प्रेषक : आर्यन सिंह मेरे प्यारे दोस्तो, आज मैं आपको अ…

काशीरा-लैला -4

“वाह.. भतीजे के लाड़ दुलार चल रहे हैं, उसे मलाई खि…

मसाज़ सेन्टर में गाण्ड मरवाई

प्रेषक : पार्थ नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम पार्थ है, मेरा…