दिल अटका अटका सा-1

लेखिका : कामिनी सक्सेना यह कहानी नेहा वर्मा की एक स…

चिरयौवना साली-27

लेखिका : कमला भट्टी जीजाजी बाथरूम में लण्ड धोने चले…

मनोरमा और शिवाली

हेलो दोस्तो, हैरी का नमस्कार ! कैसे हैं आप? सबके बह…

पूरे हुए सपने- 2

कहानी का पिछ्ला भाग: पूरे हुए सपने-1 एक दिन हिम्मत…

मुझे जीना सिखा दिया-2

मेरे अन्‍दर भी खून का दौरा तेज हो गया, हम दोनों तो…

दिल अटका अटका सा-2

लेखिका : कामिनी सक्सेना नेहा के हाथों की गति तेज ह…

अवनी मौसी-2

प्रेषिका : निशा भागवत कुछ देर तो वो दोनों बतियाते …

आंटी गुलबदन और सेक्स (प्रेम) के सात सबक-2

प्रेम गुरु की कलम से उरोजों को मसलना और चूसना …

Meri Aatmkatha

Doston mein apne bare mein bata doon mein ek hand…

केले का भोज-4

क्षितिज कहीं पास दिख रहा था। मैंने उस तक पहुँचने क…