कमाल की हसीना हूँ मैं-41
जब भी दर्दनाक लहर मेरे जिस्म में फूटती तो साथ ही मस्…
नया मेहमान-6
‘जीजू, बहुत चालू हो आप!’ कहकर हंसने लगी वो! फिर ह…
नया मेहमान-5
‘भाभी, एक आखिरी बात कहना चाहता हूँ, उम्मीद है कि आ…
चुद गई ठंडक में
मेरी कहानियों को पढ़ कर एक मोहतरमा ने मुझसे कहा- म…
बहन को कैसे पटाया
मेरी एक बहन है। बचपन में हम साथ खेला करते थे, लेक…
कमाल की हसीना हूँ मैं-42
मेरी वासना और जोर से भड़क उठी। मैंने बहुत ही मस्त ह…
कमाल की हसीना हूँ मैं-43
उसका लौड़ा तो इतना लंबा-चौड़ा था ही बल्कि वो खुद भी …
Couple Ka Maza
Hello dosto am kabir fir se apni new story lekar …
लाजो का उद्धार-2
रेशमा ठठाकर हँस पड़ी- पतिव्रता!’ और चुटकी ली- और तु…
कमाल की हसीना हूँ मैं-40
मैं मानती हूँ कि कुछ देर पहले मैं इन हब्शियों के भ…