एक भाई की वासना -49

सम्पादक – जूजा जी हजरात आपने अभी तक पढ़ा.. जाहिरा अ…

चूत एक पहेली -39

अब तक आपने पढ़ा.. मुनिया ने कपड़े निकाले तो अर्जुन न…

मेरा गुप्त जीवन-68

कम्मो बोली- यह सब कमाल है स्पेशल डिश का है, उसने जि…

मेरा गुप्त जीवन -67

फिर हम सब काफी थक चुके थे सो वो हम सब फर्श पर गद्दे…

पापा मम्मी की दूसरी सुहागरात -9

पापा मम्मी के चूचियों से चिपक गए। अब मेरा ध्यान पाप…

एक भाई की वासना -48

सम्पादक – जूजा जी हजरात आपने अभी तक पढ़ा.. वो थोड़ा …

प्रगति की आत्मकथा -2

प्रेषिका : शोभा मुरली ऑफिस का एक कमरा बतौर गेस्ट-रू…

Payal – Mera Gaandu Pati – Part 18

Hi friends kaise hai aap sabhi, thanks aapke mail…

मेरा गुप्त जीवन-100

कुछ दिन हम सब बहुत व्यस्त रहे क्यूंकि 15 दिन के लिए …

रिचमॉन्ड से सीएटल का सफ़र

लेखिका : सुचित्रा अनुवादिका, सम्पादिका एवं प्रेषिका:…