चुदाई से भरी होली-2

अजय ने कार में रखी अपनी जैकेट मुझे दी और कहा- पहन…

कामदेव के तीर-4

घर में किसी के आने का कोई अंदेशा नहीं था, बड़ी निश्…

बहुत देर कर दी सनम आते आते -1

अन्तर्वासना के प्रेमी मेरे दोस्तो, कैसे है आप सब! बहु…

वो लड़की भीगी सी-1

प्रेषक : इमरान ओवैश “क्या देख रहे हो? कभी कुछ देखा …

बहुत देर कर दी सनम आते आते -3

मैंने गाड़ी शहर की तरफ घुमा दी। पर अब डर सताने लगा…

गदराई लंगड़ी घोड़ी-4

बबिता ने फिर से अपने दोनों हाथ अपने घुटनों पर रख …

कुँवारी नेहा के साथ एक रात

दोस्तो, यह एक सच्ची कहानी है, नेहा मेरे एक अच्छे दोस्…

माँ-बेटियों ने एक-दूसरे के सामने मुझसे चुदवाया-7

मैंने मुस्कुरा कर कहा- अगर तुम मेरे सामने अपनी पैन्…

भूत का डर

हैलो दोस्तो, मैं आज फिर से आपके सामने एक नई कहानी …

मेरी गान्ड को मिला एक मोटा लन्ड -1

नमस्कार साथियो, आपने मेरी इसके पूर्व की कहानियों को…