भैया जी अब मेरे सैंया जी

प्रेषिका : पायल गुप्ता अन्तर्वासना के सभी पाठकों को प…

दिसम्बर 2015 की लोकप्रिय कहानियाँ

प्रिय अन्तर्वासना पाठको दिसम्बर महीने में प्रकाशित कहा…

बहन की गान्ड के बाद चूत -2

अब तक आपने पढ़ा.. मैं बहन को होटल में सुकून से प्या…

कामदेव के तीर-1

मैं अपने ऑफिस में बैठा मेल चैक कर रहा था, इस बार …

कामदेव के तीर-5

मैं पलंग से उठा ही था तभी रजिया मेरे लिए चाय लेकर…

खेली खाई मेहनाज़ कुरैशी

इमरान यह कहानी मेरे एक दोस्त संजय अग्रवाल की है, आप…

मेरा गुप्त जीवन- 131

कम्मो ने थोड़ी देर में ज़ोर से कहा- ज़ूबी तुम्हारा समय…

मुझे हैप्पी करना है

मेरा नाम कपिल है, हरियाणा का रहने वाला हूँ, मैं 5…

तेरे मम्मे तो औरतों जैसे हैं

लेखक : सनी गांडू मेरी गाड़ी एक बार फिर से पटरी पर …

राधा, मैं तुझ बिन आधा

लेखक : जोगी यारा मैंने पहली बार अन्तर्वासना डॉट कॉम…