वो सात दिन कैसे बीते-3
मैंने उसके घुटने मोड़ कर दोनों जांघों को फैलाया कि…
लड़कियों की मारता हूँ
यह कहानी केवल मनोरंजन के लिए है जिनका वास्तविक जीव…
वो सात दिन कैसे बीते-8
अगले दिन शुक्रवार था और आज भी उसकी क्लास थी जिससे व…
स्कूल की सजा का मज़ा-1
कैसे हो दोस्तो ! मैं राज एक बार फिर से आप सबके लिए…
Meri Maa Di Tight Fuddi
Punjabi special – Lambe lambe sah le riha si main…
जिस्मानी रिश्तों की चाह -41
सम्पादक जूजा मैंने अपनी गली पर अपने लण्ड का जूस उठा…
सुहागरात की विधि -2
सम्भोग का उद्देश्य तो सब जानते हैं… पुरुष के लिंग का…
गुरु घंटाल चेला पहलवान
दोस्तो, मेरा नाम कृति वर्मा है, शादी शुदा हूँ। इससे…
प्यासी कली- 2
कहानी का पिछ्ला भाग: प्यासी कली- 1 रूपाली ने फ़ार्म ह…
किरदार-3
प्रेषिका : स्लिमसीमा “जी नहीं ! अक्ल के लिए !” उसने …