प्यार से तृप्त कर दो
प्रेषक : विजय पण्डित विजय शर्मा, अपना पहली चुदाई का …
जिस्मानी रिश्तों की चाह -37
सम्पादक जूजा अब तक आपने पढ़ा.. आपी मेरे लबों को चूस…
मेरी शादी करवा दो-2
लेखिका : कामिनी सक्सेना “विवेक… तुम मुझे प्यार करते…
शालू की गुदाई-2
लेखक : लीलाधर 21 मई का बेसब्री से प्रतीक्षित दिन ! ह…
फ़ौजी
लेखिका : लक्ष्मी कंवर मैं जोरावर सिंह, राजस्थान से ह…
मेरी शादी करवा दो-1
लेखिका : कामिनी सक्सेना दिल की कोमल उमंगों को भला …
मदद
प्रेषक : जय पटेल मैं गुजरात के एक शहर का रहने वाला…
जिस्मानी रिश्तों की चाह -41
सम्पादक जूजा मैंने अपनी गली पर अपने लण्ड का जूस उठा…
वो सात दिन कैसे बीते-1
साल भर हो गया शायद, मेरी अंतिम कहानी को छपे… ऐसा …
वो सात दिन कैसे बीते-7
‘मज़ा आ गया।’ थोड़ी देर बाद उसने करवट ली और मेरी आँ…