दिल्ली बस रूट न. 623

मेरा नाम प्रयोग कुमार है, मैं दिल्ली का रहने वाला ह…

दहेज की कार में सलहज की चूत सेवा

मेरे प्रिय दोस्तो, अपने मेरी पिछली कहानियों को बहुत…

जबलपुर की ममता की अतृप्त वासना -4

अब तक आपने पढ़ा.. ममता मेरे लण्ड पर कूद रही थी.. उस…

प्रशंसिका ने दिल खोल कर चूत चुदवाई-12

दूसरे दिन रात की हम लोगों की ट्रेन थी। सुबह को हम …

प्रशंसिका ने दिल खोल कर चूत चुदवाई-10

हम दोनों एक दूसरे का माल चाट कर या पीकर पूरी तरह …

वासना की न खत्म होती आग -8

वो मुझे अपने दांतों को भींचते हुए मुझे देख धक्के ल…

इत्तफाक से मिली चूत

अन्तर्वासना के सभी दोस्तों को मेरे खड़े लंड का प्रणाम.…

मेरा गुप्त जीवन- 155

मैंने धीरे धीरे लंड को नैंसी की चूत के अंदर बाहर …

मेरा गुप्त जीवन- 157

रश्मि मुझ को सचमुच हैरानी से देख रही थी और उसकी आँ…

प्रशंसिका ने दिल खोल कर चूत चुदवाई-5

थोड़ी देर बाद रचना ही बोली- डियर, जब तुम्हारा स्पर्म …