हरिद्वार से टिहरी- एक अधूरी हसरत
सभी दोस्तों को मेरा हार्दिक प्रणाम। मैं अपनी प्रथम सच्…
Didi Aur Mera Honeymoon
Hello dosto, mera naam Varun hai, main lucknow me…
क्या यही प्यार है-1
अन्तर्वासना पढ़ने वालों को मेरा नमस्कार ! मैं अन्तर्वास…
मेरा गुप्त जीवन- 116
अगले दिन सुबह कोई 10 बजे के करीब एक मिनी बस हवेली…
हरजाई मधु मेरी मम्मी
यह बात उस समय की है, जब मैं बहुत छोटा था, मेरे घर…
मेरा गुप्त जीवन- 112
अगले दिन पापा ने मुझको नाश्ते के टेबल पर बताया- बॉ…
मेरा गुप्त जीवन- 114
मैं बोला- आप बेफिक्र रहिये यह सब हो जाएगा। अब आप क…
मेरा गुप्त जीवन- 113
थोड़ी देर में मधु मैडम झड़ने के करीब पहुँच गई थी, उ…
मेरी चालू बीवी-99
सम्पादक – इमरान अच्छी तरह से मूतने के बाद वो हसीना …
अंतहीन प्यास-3
आपकी सारिका कंवल बारिश इतनी तेज़ हो चुकी थी कि 4 ल…