अनबुझी प्यास

यह दो तीन साल पहले की बात है जब मेरी फुफेरी भतीजी…

उफनते जजबात

प्रेषक : क्षितिज़ मेरा नाम क्षितिज है और यह मेरी पहल…

प्यास से प्यार तक-1

प्रेषक : मानस गुरू (यह कहानी अन्तर्वासना इमेल क्लब के…

स्पर्म थैरेपी-6

प्रेषक : मुन्ना लाल गुप्ता पंचम भाग से आगे : जब मैं …

चना जोर गरम-2

प्रेषक : कुमार चने वाला भी अब समझ गया था। मैं और म…

पापा के साथ समलैंगिक सम्बन्ध

मैं बहुत ही दुबला पतला हूँ, मेरे शरीर पर नाम मात्र…

कहीं कुछ हो गया तो?

प्रेषक : निखिल मेहरा सभी पाठको मेरी तरफ से प्यार भर…

सेवक रामजी

प्रेषक : प्रेम सिह सिसोदिया मेरी नौकरी एक घर में लग…

अन्तर्मन की आग

मेरे घर कुछ दिन पहले मेरी छोटी दादी (पिताजी की चा…

स्पर्म थैरेपी-1

मुन्ना लाल गुप्ता यह कहानी एक सत्य घटना पर आधारित है…