आपने बुलाया और हम चले आये-2
उसके पैर चूमते हुए उसकी साड़ी ऊपर करते हुए, उसकी न…
गेहूँ की सिँचाई का फल
दोस्तो, नमस्कार ! आपने मेरी कहानी ‘गेहूँ की सिंचाई’…
माया मेमसाब की मालिश और चुदाई
प्रेषक : समीर कहानी से पहले मैं अपना परिचय दे दूँ,…
सन्देश
दो वेश्याएं अपनी कार से शहर में ग्राहक की तलाश घूम …
नौकरी मिलने की पार्टी-1
दोस्तो, मेरी कहानियों पर बहुत से अनजान मित्रों के म…
नौकरी मिलने की पार्टी-2
शनिवार को मेरा इंटरव्यू था। नियत समय पर मैं गया। क…
भाभी के मटकते चूतड़
मेरा नाम जय है, मैं राजकोट में अपने माता-पिता के …
सन्ता और प्रीतो के चुटकुले-3
एक दिन एक सन्ता अपने अपार्टमेन्ट में बहुत ही गुस्से क…
लंहगा और सलवार
एक रोज़ सिन्धी और मारवाड़ी दो सहलियो की बाज़ार में मु…
खामोश शर्मिन्दगी
बहुत देर से रेलवे आरक्षण की लम्बी कतार में खड़े रहने…