जन्मदिन के उपहार में गाण्ड मरवाई-1

Janamdin ke Upahar me Gaand Marvai-1 दरअसल मेरे य…

सलहज इतनी हसीं कि दिल मचल गया-3

मैं- शेविंग का सामान दो मुझे.. भाभी- क्यों? मैं- म…

मैडम ने गुरु दक्षिणा में लन्ड मांगा

हाय फ्रेंड्स.. मैं जुनेद भोपाल से हूँ। आज मैं आप सब…

लण्डों की होली-1

Lundo ki Holi-1 विराट दोस्तो, आज मैं आपके लिए एक न…

चूत जवां जब होती है- 2

बस शहर से निकल कर गाँव की तरफ चल पड़ी, खस्ताहाल सड़क…

अपनी बाबू की सील तोड़ी

Apni Babu Ki Seal Todi नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम अमि…

मेरा गुप्त जीवन- 134

थोड़ी देर बाद मुझको एक फ़ोन कॉल आया जो लखनऊ से था औ…

जन्मदिन के उपहार में गाण्ड मरवाई-2

Janamdin ke Upahar me Gaand Marvai-2 मैं काफ़ी देर…

रेशमा की रात

प्रशांत एक फ्रस्टरेटेड मिडल क्लास व्यक्ति था जिसकी सेक्स…

मेरी चालू बीवी-115

सम्पादक – इमरान मैं बहुत तेजी से धक्के लगा रहा था, …