सत्य वचन

मैं छत पर बैठी हुई अपने ख्यालों में डूबी हुई थी। म…

टेंशन दूर हो गया-1

लेखिका : कामिनी सक्सेना मैं दिन भर घर में अकेली हो…

इस पल के इन्तजार में

सभी अन्तर्वासना के पाठकों को सोनू भाई का नमस्कार। यह…

मैं, मेरी बीवी और भाभी-1

प्रेषक : गोरिया कुमार मेरे तायाजी के लड़के यानि सुम…

मैं, मेरी बीवी और भाभी-2

प्रेषक : गोरिया कुमार अब धीरे धीरे मैं भाभी को अपन…

भूल जाओ रात को

प्रेषक : राजेश देशमुख मेरा नाम राजेश है और मैं पुण…

हंसी तो फंसी-1

यह कहानी है मेरी पड़ोस में आए नए किरायेदार की। परि…

चाची के घर में-2

प्रेषक : राजेश अय्यर मेरे प्यारे दोस्तो और देवियो व भ…

वो पूस की एक रात-2

मैंने हाथ बढ़ाया, जैसे ही उसने रूमाल लेना चाहा… मै…

टेंशन दूर हो गया-2

लेखिका : कामिनी सक्सेना “अच्छा, अब तुम जाओ …” मेरा …