दिल का क्‍या कुसूर-8

तभी अचानक मुझे अपने अन्‍दर झरना सा चलता महसूस हुआ।…

Maa Ne Dukandar, Papa Ne Naukarani Ko Choda

Mai sirf nav saalki thi maa sath kapadke dukanme …

दिल का क्‍या कुसूर-4

मुझे पुरूष देह की आवश्‍यकता महसूस होने लगी थी। काश…

यह लौड़ा मेरी चूत के अन्दर !

प्रेषक : रोहित शर्मा मेरा नाम रोहित है ! मैं गंगानग…

दुकानदार की बेटी ने लिंग देखा

प्रेषक : ईश चौहान अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा …

ऐसा भी होता है क्या?

दोस्तों, मेरी कहानी सम्भोग : एक अद्भुत अनुभूति पर आप…

दिल का क्‍या कुसूर-3

दोनों लड़कियाँ आपस में एक दूसरे से अपनी योनि रगड़ र…

मेरी परीक्षा और मेरी चूत चुदाई-1

यह कहानी उस समय की है जब मैं बारहवीं की परीक्षा दे…

दिल का क्‍या कुसूर-6

अरूण मेरे बिल्‍कुल नजदीक आ गये। मेरी सांस धौंकनी क…

पुणे वाली मेरी सहेलियाँ

लेखक : अनुज पटियाला मैं पूना में पढ़ता था तब की यह…