मॉस्को की याद में
प्रेषक : रोबिन चन्द्र अन्तर्वासना के सभी चाहने वालों क…
कुड़ी पतंग हो गई
आज मेरी बड़ी बहन को हॉस्पिटल में दाखिल करवा दिया था…
औरतों की यौन-भावनाएँ-2
लेखक : जय कुमार प्रथम भाग से आगे कला झड़ गई और एक त…
फिर दूसरी से कर लेना-6
इस प्रकार दो दिन मस्ती से गुजार कर घर लौट आया ! घर …
स्वीटी-1
मैं एकदम चौंक पड़ी। अभी कुछ बोलती ही कि एक हाथ आकर…
हसीना की चूत में पसीना
मेरा नाम आर्यन है, मैं मोरादाबाद में रहता हूँ। मेर…
मेरी मां चुद गई
प्रेषिका : दिव्या डिकोस्टा रात आने को थी… मेरा दिल ध…
शिल्पा के साथ ट्रेन का सफ़र-5
लेखक: माइक डिसूज़ा अभी तक आपने अन्तर्वासना डॉट कॉंम …
प्रगति का समर्पण-2
लेखक : शगन कुमार शालीन को रात को ठीक से नींद नहीं…
मैं लौड़ा नहीं चूसूंगी-2
अगले दिन से मैं अलग कमरे में सोने लगी। भाभी अब भै…