चाहत का इन्तज़ार
हमारे गाँव में पवन के पिताजी की करियाने की दुकान …
एक के साथ दूसरी मुफ़्त-1
प्रेषक : संजय शर्मा दोस्तो, मेरी कहानियों को पढ़ कर आ…
मीना को रात में चोदा
नमस्कार दोस्तो ! मेरी पिछली कहानी पचास साल की पड़ोसन…
जरा ठीक से बैठो-3
प्रेषक : हरेश जोगनी बड़ा अजीब नज़ारा था, दो गेंद जो …
मुझे ही बुला लेती
दोस्तो, मेरा नाम सोनू है, मध्यप्रदेश का रहने वाला हू…
दूसरी सुहागरात-3
प्रेम गुरु की कलम से…… सम्पादन सहयोगिनी : स्लिम सीमा…
मेरे जीजू और देवर ने खेली होली-1
जीजू और देवर संग होली मैं अपने मम्मी-पापा के साथ स…
मेरे जीजू और देवर ने खेली होली-1
जीजू और देवर संग होली मैं अपने मम्मी-पापा के साथ स…
चरित्र बदलाव-4
अन्तर्वासना के पाठकों को एक बार फिर से मेरा प्यार और…
फिर सुबह होगी
लेखिका : शमीम बानो कुरेशी “कल सुबह सुबह तो तू मुम्…