कमाल की हसीना हूँ मैं-30
मेरे ससुर ताहिर अज़ीज़ खान जी मुझे ऊपर से नीचे तक क…
कमाल की हसीना हूँ मैं-35
मेरी चूत का मुँह लंड के एहसास से लाल हो कर खुल गय…
बिरज की होली और ट्रेन में चूत ले ली -1
दोस्तो, मैं अरुण एक बार फिर से अपनी एक नई आपबीती ब…
गेटपास का रहस्य-1
सुनीता की शादी होने के बाद एक बार फिर से मैं तन्हा…
वर्मा जी का पाल
नमस्कार दोस्तो, यह अन्तर्वासना पर मेरी पहली कहानी है।…
Galti Mein Masti – Part II
Hii dosto… Mera naam kartik hai.. Main noida ka r…
कमाल की हसीना हूँ मैं-46
शहनाज़ खान इस दौरान मैं कई मर्तबा झड़ी और मेरी चूत न…
मास्टर ज़ी ने मुझे चोद डाला-1
मेरा नाम काम्या है.. मैं इस वक़्त चंदौसी के एक इंग्लि…
कमाल की हसीना हूँ मैं-24
मैं उसके लंड की टिप को अपनी चूत की दोनों फाँकों क…
कमाल की हसीना हूँ मैं-32
“आज मैं आपके बेटे की बीवी हूँ।” “लेकिन पहले तू मे…