तीसरी कसम-1

प्रेम गुरु की अनन्तिम रचना हज़ारों साल नरगिस अपनी बे…

प्यासी बीवी अधेड़ पति-2

मुझे सरूर सा होने लगा, मग की बजाए मैंने पजामे के …

तीसरी कसम-4

प्रेम गुरु की अनन्तिम रचना मैं अभी अपने ख्यालों में …

वीणा की गुफा-2

लेखक: मनीष शर्मा प्रेषक : वीणा शर्मा मैंने उसे उठा क…

Nashe Ka Fayda Uthaya

Hiii friends kaise he aap.. Mera naam jonty he.. …

कामना की साधना-6

मेरे पास अब सोचने का समय नहीं था। किसी भी क्षण मेर…

तू सेर, मैं सवा सेर-2

शहनाज़- खुश हो तो दिखाओ अपना लंड! मैं अभी देखना चा…

कामना की साधना-7

मैंने अपना एक हाथ बाहर निकला कर ऊपर किया और तर्जनी…

तीसरी कसम-6

प्रेम गुरु की अनन्तिम रचना “पलक अगर कहो तो आज तुम्हे…

तू सेर, मैं सवा सेर-1

मुनव्वर और सलीम दो दोस्त हैं, मुनव्वर की बीवी रजिया,…