बहुत कुछ खोया बहुत कुछ पाया-2

Bahut Kuchh Khoya Bahut Kuchh Paya-2 आज पहली बार …

जिस्म की जरूरत-10

कैसे हैं मित्रो… देरी के लिए माफ़ी चाहता हूँ, वैसे …

जिस्म की जरूरत-12

जलती हुई मोमबत्ती लेकर मैं वापस कमरे में आया और बि…

काला हीरा -1

एक लड़का था, हट्टा-कट्टा, लम्बा चौड़ा, लम्बाई छः फुट चा…

पप्पू सलमा इरफ़ान

माशूका सलमा अपने आशिक पप्पू से- आज मेरी ले लो ना !…

मेरा गुप्त जीवन- 5

कम्मो के साथ मेरा जीवन कुछ महीने ठीक चला, वो बहुत …

जिस्म की जरूरत-11

चाय मेरे शॉर्ट्स पे गिरी थी… लेकिन शॉर्ट्स भी छोटी थी…

धोबी घाट पर माँ और मैं-4

माँ ने मेरे हाथ को अपने हाथों में ले लिया और कहा-…

मेरा गुप्त जीवन- 9

मेरा जीवन कम्मो के साथ बड़े आनन्द के साथ चल रहा था, …

जीना इसी का नाम है-3

बाइक को सड़क के एक तरफ ले जाकर मैंने लॉक कर दिया औ…