नया मेहमान-6

‘जीजू, बहुत चालू हो आप!’ कहकर हंसने लगी वो! फिर ह…

कमाल की हसीना हूँ मैं-26

मेरा सिर नशे में बुरी तरह झूम रहा था और दिमाग पर …

गेटपास का रहस्य-3

दीप के जाने के बाद मैंने किताब को एक तरफ रखी और म…

लाजो का उद्धार-1

मैं आभार प्रकट करता हूँ अपनी खूबसूरत साली का जिसने…

लाजो का उद्धार-4

मैं जब पहुँचा लाजो वैसे ही खड़ी थी। नंगी पीठ पर लम्…

नया मेहमान-1

तमाम पाठकों को रोनी सलूजा का प्यार भरा नमस्कार ! मे…

नया मेहमान-4

बाथरूम में रेखा दरवाजे की तरफ मुँह करके पटरी पर ज…

कमाल की हसीना हूँ मैं-36

“यहाँ कोई नहीं आयेगा और किसे परवाह है? देखा नहीं …

कमाल की हसीना हूँ मैं-30

मेरे ससुर ताहिर अज़ीज़ खान जी मुझे ऊपर से नीचे तक क…

मुंह बोला भाई- बहनचोद

कुमार रवि मेरा कोई सगा भाई नहीं है इसलिए जब भी रा…