मेरा गुप्त जीवन -103
मैं धीमे से बोला- सस्ते में कहाँ? अभी तो रात बाकी …
मेरा गुप्त जीवन- 110
कम्मो मुस्कराते हुए बोली- मैं उस दिन ही समझ गई थी क…
मेरा गुप्त जीवन-107
कपड़े पहन कर हम वहाँ से निकले लेकिन मैंने जाने से …
भूखा लण्ड – एक प्यास एक जनून-4
भूखा लण्ड – एक प्यास एक जनून-1 भूखा लण्ड – एक प्यास ए…
पहली बार तो दर्द ही दर्द मिला
मेरे एक प्रशंसक ने यह कहानी मुझे भेजी थी, सम्पादन क…
ममेरी बहन रेखा की चुदास
अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा नमस्कार.. मेरा नाम…
मेरी चालू बीवी-91
सम्पादक – इमरान मैं रोज़ी के साथ बैठा नलिनी भाई और …
वो खुद चुदना चाह रही थी
पन्कुश मेरा नाम पन्कुश है, मैं अम्बाला से हूँ, बी एस…
जिस्म की जरूरत -20
नमस्ते दोस्तो, उम्मीद है कि मेरी पिछली कहानियों ने आ…
डुबकी का खेल रिया के साथ
लेखक : सुमित सम्पादक : शिप्रा मेरे प्रिय अन्तर्वासना क…