मेरा गुप्त जीवन- 113

थोड़ी देर में मधु मैडम झड़ने के करीब पहुँच गई थी, उ…

मेरा गुप्त जीवन- 117

फिर उसने अपने गरम होंट मेरे होंटों पर रख दिए और ए…

डुबकी का खेल रिया के साथ

लेखक : सुमित सम्पादक : शिप्रा मेरे प्रिय अन्तर्वासना क…

Meri Bhaichod Behen – Part II

Hi friends, main vishesh ab aage ki kahani shuru …

मेरा गुप्त जीवन- 115

सरपट घोड़े को भगाते हुए उसको चोदने लगा और चंद मिनट…

सेक्स भरी कुछ पुरानी यादें-3

नमस्कार मेरे दोस्तो, मुझे कुछ लोगों ने मेरी कहानी प…

वो हसीन पल-1

सारिका कंवल नमस्कार, आप सभी अन्तर्वासना के पाठकों ने…

वीर्यदान महादान-5

विक्की कुमार पूरे नाश्ते के दौरान हम तीनों दुनिया ज…

वो हसीन पल-3

सारिका कंवल इसी तरह 4 दिन बीत गए थे हम दोपहर को र…

वो हसीन पल-2

सारिका कंवल मैंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “फिलहा…