लाजो का उद्धार-3

एक एक हुक खुलता हुआ ऐसे अलग हो जाता था जैसे बछड़ा …

कमाल की हसीना हूँ मैं-40

मैं मानती हूँ कि कुछ देर पहले मैं इन हब्शियों के भ…

कमाल की हसीना हूँ मैं-33

मेरी पीठ मेरे ससुर ताहिर अज़ीज़ खान जी के सीने से ल…

कमाल की हसीना हूँ मैं-38

मैंने साँस ली ही थी कि एक बार फिर मुझे उसकी मुठ्ठि…

कमाल की हसीना हूँ मैं-25

स्वामी आज मुझ पर रहम करने के मूड में बिल्कुल नहीं थ…

कमाल की हसीना हूँ मैं-45

हमने जो पैकेज चुना था उसके मुताबिक वो आठ लौड़े बदल…

सन्ता और पप्पू के चुटकुले

एक बार पप्पू ने सन्ता की दुकान से 45 रूपए का सामान …

कमाल की हसीना हूँ मैं-39

कुछ ही देर में उनके लौड़े फौलाद की तरह सख्त हो गये …

Nathu – The Doodhwala

Namaste dosto, mera naam lalu hai, mein odisha me…

Gaon Ke Bhabi Ki Kala Chut

H’i dosto mai bijay sarmah aaj mai ek aise kahani…