दिल्ली की साक्षी

प्रेषक : रिन्कू गुप्ता प्रिय पाठको, मेरा नाम रिंकू है…

जेम्स की कल्पना -4

कल्पना अलग पड़ी थी। योनि बाढ़ से भरे खेत की तरह बह र…

जेम्स की कल्पना -3

लगभग एक साल लगे कल्पना को इस घटना पर थोड़ा थोड़ा बात…

तृप्ति की वासना तृप्ति-1

लेखक : संजय शर्मा उर्फ़ संजू सम्पादक एवं प्रेषक : सिद्ध…

सोनिया की मम्मी-2

लेखक : राज शर्मा प्रथम भाग से आगे : वो बोली- जब तुम्…

सन्ता के चुटकुले

मुम्बई के सन्ता साहब दुबई में जॉब करते थे तथा चार स…

लड़कपन की यादें-1

मैं काफ़ी समय से अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ। अधि…

लड़कपन की यादें-2

रात हुई, हम तीनों ने खाना खाया, थोड़ी देर ड्राइंग र…

कुछ रोचक चुटकुले

मर्दों और चूहों में एक समानता तो है कि दोनों ही पू…

जिस्म की जरूरत -27

मेरे मन में कई ख्याल उमड़े, फिर कुछ समझ आया कि वंदन…