भाई की रखैल
अन्तर्वासना के पाठकों को आपकी अपनी अर्चना का नमस्कार …
ममेरी बहन की चूत और गान्ड की सील तोड़ी
मैं पिछले 5 सालों से अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ…
माया मेम साब-1
प्रेषिका : स्लिमसीमा बाद मुर्दन के जन्नत मिले ना मिले…
इक्कीसवीं वर्षगांठ-2
प्रेषिका : शिप्रा शिप्रा के रसोई में जाने के बाद मैं…
मेरा गुप्त जीवन- 82
आज मैंने बड़े दिनों बाद अपनी क्लास में बैठे लड़के और…
लिव इन कैरोल-3
प्रेषक : मुकेश कुमार दिन की घटना को सोच कर फिर उत्त…
जिस्मानी रिश्तों की चाह -42
आपी नाश्ते के वक्त मेरी छेड़छड़ से इतनी गर्म हो गई कि …
लण्ड न माने रीत -5
अब तक आपने पढ़ा.. मैंने उसके दोनों मम्मों पर अपनी ह…
माया मेम साब-3
प्रेषिका : स्लिमसीमा कहानी का दूसरा भाग : माया मेम…
कुंवारी सपना का चुदाई का सपना -2
अब तक आपने पढ़ा.. सपना चीखने लगी और मुझसे कहने लगी…