ऑस्ट्रेलिया की बुलबुल रानी -6

एक बहुत उम्दा और स्वादिष्ट डिनर पूरा हुआ, शैम्पेन आधी…

जीजा ने चोदी साली की चूत..-2

मेरे पति रवि को तीन दिन के लिये मेरी बहन के घर रह…

बॉयफ्रेंड ने मेरे जिस्म की अन्तर्वासना जगाई -3

वो अब मेरे पूरे जिस्म को चूसने और चूमने लगा था। मे…

इक्कीसवीं वर्षगांठ-3

प्रेषिका : शिप्रा सुबह आठ बजे जब पापा ऑफिस चले गए त…

वो सात दिन कैसे बीते-3

मैंने उसके घुटने मोड़ कर दोनों जांघों को फैलाया कि…

कुंवारी फ़ुद्दी, कुंवारा लन

प्रेषक : राहुल कपूर अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेर…

मेरा गुप्त जीवन- 83

मैं भी नकली गुस्से में बोला- हंस लो हंस लो तुम दोन…

भाई के दोस्त ने मेरी सील तोड़ दी

हैलो फ्रेण्डस.. मैं ज्योति.. नई दिल्ली में रहती हूँ, …

हम भी इन्सान हैं-1

प्रेषक : सिद्धार्थ शर्मा सबको मेरा यानि सिद्धार्थ का नम…

वो सात दिन कैसे बीते-8

अगले दिन शुक्रवार था और आज भी उसकी क्लास थी जिससे व…